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mahabharat 12.209.d82: तुम भी एक मन से उस दिव्य ईश्वर का ध्यान करो और पूर्ण भक्ति के साथ उस अविनाशी ईश्वर की पूजा करो।   |   mahabharat अध्याय 12.209: भगवान् विष्णुका वराहरूपमें प्रकट होकर देवताओंकी रक्षा और दानवोंका विनाश कर देना तथा नारदको अनुस्मृतिस्तोत्रका उपदेश और नारदद्वारा भगवान् की स्तुति   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 209: भगवान् विष्णुका वराहरूपमें प्रकट होकर देवताओंकी रक्षा और दानवोंका विनाश कर देना तथा नारदको अनुस्मृतिस्तोत्रका उपदेश और नारदद्वारा भगवान् की स्तुति  »  श्लोक d82
 
 
श्लोक  12.209.d82 
त्वमप्येकमना भूत्वा ध्याहि ध्येयं गुणातिगम्।
भजस्व सर्वभावेन परमात्मानमव्ययम्॥
 
 
अनुवाद
तुम भी एक मन से उस दिव्य ईश्वर का ध्यान करो और पूर्ण भक्ति के साथ उस अविनाशी ईश्वर की पूजा करो।
 
You too should meditate on that transcendent God with one mind and worship that imperishable God with complete devotion.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)