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mahabharat 12.209.d81: भीष्मजी बोले - सुव्रत! इस प्रकार पूर्वकाल में जो कुछ मंगलमय भगवान विष्णु ने नारद मुनि से कहा था, वह सब मैंने तुमसे कह दिया है।   |   mahabharat अध्याय 12.209: भगवान् विष्णुका वराहरूपमें प्रकट होकर देवताओंकी रक्षा और दानवोंका विनाश कर देना तथा नारदको अनुस्मृतिस्तोत्रका उपदेश और नारदद्वारा भगवान् की स्तुति   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 209: भगवान् विष्णुका वराहरूपमें प्रकट होकर देवताओंकी रक्षा और दानवोंका विनाश कर देना तथा नारदको अनुस्मृतिस्तोत्रका उपदेश और नारदद्वारा भगवान् की स्तुति  »  श्लोक d81
 
 
श्लोक  12.209.d81 
भीष्म उवाच
एवं पृष्ट: पुरा तेन नारदेन सुरर्षिणा।
यदुवाच तदा शम्भुस्तदुक्तं तव सुव्रत॥
 
 
अनुवाद
भीष्मजी बोले - सुव्रत! इस प्रकार पूर्वकाल में जो कुछ मंगलमय भगवान विष्णु ने नारद मुनि से कहा था, वह सब मैंने तुमसे कह दिया है।
 
Bhishmaji said - Suvrata! In this way, whatever the auspicious Lord Vishnu had said to the sage Narada in the past, I have told you all that.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)