Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.209.d3: भीष्म बोले, "हे राजन! हे निष्पाप राजन! आपने जो प्रश्न किया है, वह अत्यन्त तर्कपूर्ण और सूक्ष्म है। इसे ध्यानपूर्वक सुनिए। पूर्वकाल में नारदजी से जो मैंने सुना था, वही मैं आपको बता रहा हूँ।" | mahabharat अध्याय 12.209: भगवान् विष्णुका वराहरूपमें प्रकट होकर देवताओंकी रक्षा और दानवोंका विनाश कर देना तथा नारदको अनुस्मृतिस्तोत्रका उपदेश और नारदद्वारा भगवान् की स्तुति । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भीष्म बोले, "हे राजन! हे निष्पाप राजन! आपने जो प्रश्न किया है, वह अत्यन्त तर्कपूर्ण और सूक्ष्म है। इसे ध्यानपूर्वक सुनिए। पूर्वकाल में नारदजी से जो मैंने सुना था, वही मैं आपको बता रहा हूँ।"
Bhishma said, "O King! O innocent king! The question you have raised is very logical and subtle. Listen to it carefully. I am telling you what I had heard from Narad in the past."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥