Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.209.d20: जिनसे पद्मयोनि पितामह ब्रह्मा उत्पन्न हुए हैं; तथा जो वेदों और ब्राह्मणों के स्वरूप हैं, वे विश्वात्मा विष्णु मुझ पर प्रसन्न हों। | mahabharat अध्याय 12.209: भगवान् विष्णुका वराहरूपमें प्रकट होकर देवताओंकी रक्षा और दानवोंका विनाश कर देना तथा नारदको अनुस्मृतिस्तोत्रका उपदेश और नारदद्वारा भगवान् की स्तुति । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यस्मादुत्पद्यते ब्रह्मा पद्मयोनि: पितामह:॥
ब्रह्मयोनिर्हि विश्वात्मा स मे विष्णु: प्रसीदतु।
अनुवाद
जिनसे पद्मयोनि पितामह ब्रह्मा उत्पन्न हुए हैं; तथा जो वेदों और ब्राह्मणों के स्वरूप हैं, वे विश्वात्मा विष्णु मुझ पर प्रसन्न हों।
From whom Padmayoni Pitamah Brahma originates; And may Vishnu, the universal soul, who is the embodiment of the Vedas and Brahmins, be pleased with me.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥