Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.209.d19: भगवान विष्णु, जो समस्त प्राणियों के स्वामी हैं, जिन्होंने इस सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड को व्याप्त कर रखा है, तथा जो समस्त चेतन और अचेतन प्राणियों के गुरु हैं, मुझ पर प्रसन्न हों। | mahabharat अध्याय 12.209: भगवान् विष्णुका वराहरूपमें प्रकट होकर देवताओंकी रक्षा और दानवोंका विनाश कर देना तथा नारदको अनुस्मृतिस्तोत्रका उपदेश और नारदद्वारा भगवान् की स्तुति । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
य: प्रभु: सर्वभूतानां येन सर्वमिदं ततम्॥
चराचरगुरुर्विष्णु: स मे देव: प्रसीदतु।
अनुवाद
भगवान विष्णु, जो समस्त प्राणियों के स्वामी हैं, जिन्होंने इस सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड को व्याप्त कर रखा है, तथा जो समस्त चेतन और अचेतन प्राणियों के गुरु हैं, मुझ पर प्रसन्न हों।
May Lord Vishnu, who is the Lord of all beings, who has pervaded this entire universe, and who is the teacher of all animate and inanimate beings, be pleased with me.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥