Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.209.d10: नारद! प्रारम्भ में ओंकार का जप करके मुझे नमस्कार करो। अर्थात् एकाग्रचित्त होकर शुद्धचित्त होकर 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' आदि इस मंत्र का जप करो। | mahabharat अध्याय 12.209: भगवान् विष्णुका वराहरूपमें प्रकट होकर देवताओंकी रक्षा और दानवोंका विनाश कर देना तथा नारदको अनुस्मृतिस्तोत्रका उपदेश और नारदद्वारा भगवान् की स्तुति । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
नारद! प्रारम्भ में ओंकार का जप करके मुझे नमस्कार करो। अर्थात् एकाग्रचित्त होकर शुद्धचित्त होकर 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' आदि इस मंत्र का जप करो।
Narad! Salute me by chanting Omkar in the beginning. That is, being concentrated and having a pure mind, chant this mantra – ‘Om Namo Bhagwate Vasudevay’ etc.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥