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mahabharat 12.209.8: इनके अतिरिक्त और भी कई भयंकर राक्षस थे जो देवताओं की महान समृद्धि को सहन नहीं कर सके।   |   mahabharat अध्याय 12.209: भगवान् विष्णुका वराहरूपमें प्रकट होकर देवताओंकी रक्षा और दानवोंका विनाश कर देना तथा नारदको अनुस्मृतिस्तोत्रका उपदेश और नारदद्वारा भगवान् की स्तुति   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 209: भगवान् विष्णुका वराहरूपमें प्रकट होकर देवताओंकी रक्षा और दानवोंका विनाश कर देना तथा नारदको अनुस्मृतिस्तोत्रका उपदेश और नारदद्वारा भगवान् की स्तुति  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  12.209.8 
तथैव चान्ये बहवो दानवा युद्धदुर्मदा:।
न सहन्ते स्म देवानां समृद्धिं तामनुत्तमाम्॥ ८॥
 
 
अनुवाद
इनके अतिरिक्त और भी कई भयंकर राक्षस थे जो देवताओं की महान समृद्धि को सहन नहीं कर सके।
 
Besides these, there were several other fierce demons who could not tolerate the great prosperity of the gods.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)