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mahabharat 12.209.32: वे समस्त प्राणियों के स्वामी, योगी, ऋषि और समस्त आत्माओं के आत्मा हैं। वे समस्त विघ्नों का नाश करने वाले श्री कृष्ण हैं। इसलिए आप सभी धैर्य रखें।   |   mahabharat अध्याय 12.209: भगवान् विष्णुका वराहरूपमें प्रकट होकर देवताओंकी रक्षा और दानवोंका विनाश कर देना तथा नारदको अनुस्मृतिस्तोत्रका उपदेश और नारदद्वारा भगवान् की स्तुति   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 209: भगवान् विष्णुका वराहरूपमें प्रकट होकर देवताओंकी रक्षा और दानवोंका विनाश कर देना तथा नारदको अनुस्मृतिस्तोत्रका उपदेश और नारदद्वारा भगवान् की स्तुति  »  श्लोक 32
 
 
श्लोक  12.209.32 
सर्वभूतेश्वरो योगी मुनिरात्मा तथाऽऽत्मन:।
स्थिरीभवत कृष्णोऽयं सर्वविघ्नविनाशन:॥ ३२॥
 
 
अनुवाद
वे समस्त प्राणियों के स्वामी, योगी, ऋषि और समस्त आत्माओं के आत्मा हैं। वे समस्त विघ्नों का नाश करने वाले श्री कृष्ण हैं। इसलिए आप सभी धैर्य रखें।
 
He is the Lord of all beings, the Yogi, the sage and the soul of all souls. He is Shri Krishna who destroys all obstacles. Therefore, all of you must have patience.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)