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mahabharat 12.209.25: तत्पश्चात् भगवान् की गर्जना से वे सब दैत्य भयभीत होकर पृथ्वी पर प्राणहीन होकर गिर पड़े। भगवान् विष्णु के तेज से मोहित होकर वे सब के सब मूर्च्छित हो गए॥ 25॥   |   mahabharat अध्याय 12.209: भगवान् विष्णुका वराहरूपमें प्रकट होकर देवताओंकी रक्षा और दानवोंका विनाश कर देना तथा नारदको अनुस्मृतिस्तोत्रका उपदेश और नारदद्वारा भगवान् की स्तुति   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 209: भगवान् विष्णुका वराहरूपमें प्रकट होकर देवताओंकी रक्षा और दानवोंका विनाश कर देना तथा नारदको अनुस्मृतिस्तोत्रका उपदेश और नारदद्वारा भगवान् की स्तुति  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  12.209.25 
ततस्ते दानवा: सर्वे तेन नादेन भीषिता:।
पेतुर्गतासवश्चैव विष्णुतेज:प्रमोहिता:॥ २५॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् भगवान् की गर्जना से वे सब दैत्य भयभीत होकर पृथ्वी पर प्राणहीन होकर गिर पड़े। भगवान् विष्णु के तेज से मोहित होकर वे सब के सब मूर्च्छित हो गए॥ 25॥
 
Thereafter all those demons were frightened by the roar of the Lord and fell lifeless on the earth. All of them were mesmerized by the brilliance of Lord Vishnu and lost their senses.॥ 25॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)