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mahabharat 12.209.23: उस भयंकर गर्जना से समस्त लोकों में हलचल मच गई, यहाँ तक कि स्वर्ग में इन्द्र आदि देवता भी अत्यन्त भयभीत हो गए ॥23॥   |   mahabharat अध्याय 12.209: भगवान् विष्णुका वराहरूपमें प्रकट होकर देवताओंकी रक्षा और दानवोंका विनाश कर देना तथा नारदको अनुस्मृतिस्तोत्रका उपदेश और नारदद्वारा भगवान् की स्तुति   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 209: भगवान् विष्णुका वराहरूपमें प्रकट होकर देवताओंकी रक्षा और दानवोंका विनाश कर देना तथा नारदको अनुस्मृतिस्तोत्रका उपदेश और नारदद्वारा भगवान् की स्तुति  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  12.209.23 
तेन संनादशब्देन लोकानां क्षोभ आगमत्।
संत्रस्ताश्च भृशं लोके देवा: शक्रपुरोगमा:॥ २३॥
 
 
अनुवाद
उस भयंकर गर्जना से समस्त लोकों में हलचल मच गई, यहाँ तक कि स्वर्ग में इन्द्र आदि देवता भी अत्यन्त भयभीत हो गए ॥23॥
 
That terrible roar created a stir in all the worlds. Even gods like Indra in heaven became extremely frightened. 23॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)