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mahabharat 12.209.17: उस असाधारण प्राणी को देखकर सभी राक्षस बड़ी ताकत के साथ उसका सामना करने के लिए उठ खड़े हुए, क्योंकि वे समय से मंत्रमुग्ध थे।   |   mahabharat अध्याय 12.209: भगवान् विष्णुका वराहरूपमें प्रकट होकर देवताओंकी रक्षा और दानवोंका विनाश कर देना तथा नारदको अनुस्मृतिस्तोत्रका उपदेश और नारदद्वारा भगवान् की स्तुति   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 209: भगवान् विष्णुका वराहरूपमें प्रकट होकर देवताओंकी रक्षा और दानवोंका विनाश कर देना तथा नारदको अनुस्मृतिस्तोत्रका उपदेश और नारदद्वारा भगवान् की स्तुति  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  12.209.17 
दृष्ट्वा च सहिता: सर्वे दैत्या: सत्त्वममानुषम्।
प्रसह्य तरसा सर्वे संतस्थु: कालमोहिता:॥ १७॥
 
 
अनुवाद
उस असाधारण प्राणी को देखकर सभी राक्षस बड़ी ताकत के साथ उसका सामना करने के लिए उठ खड़े हुए, क्योंकि वे समय से मंत्रमुग्ध थे।
 
On seeing that extraordinary creature all the demons stood up together with great force to face it, for they were mesmerized by time.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)