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mahabharat 12.209.16: दूसरी ओर पराक्रमी भगवान विष्णु ने वराह का रूप धारण किया और बड़े वेग से पृथ्वी पर प्रवेश कर राक्षसों के पास पहुँचे।   |   mahabharat अध्याय 12.209: भगवान् विष्णुका वराहरूपमें प्रकट होकर देवताओंकी रक्षा और दानवोंका विनाश कर देना तथा नारदको अनुस्मृतिस्तोत्रका उपदेश और नारदद्वारा भगवान् की स्तुति   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 209: भगवान् विष्णुका वराहरूपमें प्रकट होकर देवताओंकी रक्षा और दानवोंका विनाश कर देना तथा नारदको अनुस्मृतिस्तोत्रका उपदेश और नारदद्वारा भगवान् की स्तुति  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  12.209.16 
ततो विष्णुर्महातेजा वाराहं रूपमास्थित:।
अन्तर्भूमिं सम्प्रविश्य जगाम दितिजान् प्रति॥ १६॥
 
 
अनुवाद
दूसरी ओर पराक्रमी भगवान विष्णु ने वराह का रूप धारण किया और बड़े वेग से पृथ्वी पर प्रवेश कर राक्षसों के पास पहुँचे।
 
On the other hand the mighty Lord Vishnu took the form of Varaah and entered the earth with great speed and reached the demons.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)