Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.209.1: युधिष्ठिर ने पूछा - हे युद्ध में सच्ची वीरता दिखाने वाले बुद्धिमान पितामह! भगवान श्रीकृष्ण अविनाशी भगवान हैं; मैं उनकी महत्ता का सम्पूर्ण वर्णन सुनना चाहता हूँ॥1॥   |   mahabharat अध्याय 12.209: भगवान् विष्णुका वराहरूपमें प्रकट होकर देवताओंकी रक्षा और दानवोंका विनाश कर देना तथा नारदको अनुस्मृतिस्तोत्रका उपदेश और नारदद्वारा भगवान् की स्तुति   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 209: भगवान् विष्णुका वराहरूपमें प्रकट होकर देवताओंकी रक्षा और दानवोंका विनाश कर देना तथा नारदको अनुस्मृतिस्तोत्रका उपदेश और नारदद्वारा भगवान् की स्तुति  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  12.209.1 
युधिष्ठिर उवाच
पितामह महाप्राज्ञ युधि सत्यपराक्रम।
श्रोतुमिच्छामि कात्‍स्‍न्‍‍‍र्येन कृष्णमव्ययमीश्वरम्॥ १॥
 
 
अनुवाद
युधिष्ठिर ने पूछा - हे युद्ध में सच्ची वीरता दिखाने वाले बुद्धिमान पितामह! भगवान श्रीकृष्ण अविनाशी भगवान हैं; मैं उनकी महत्ता का सम्पूर्ण वर्णन सुनना चाहता हूँ॥1॥
 
Yudhishthir asked – O wise grandfather who displayed true bravery in battle! Lord Shri Krishna is an immortal God; I want to hear a complete description of their importance. 1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)