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श्री महाभारत
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पर्व 12: शान्ति पर्व
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अध्याय 208: ब्रह्माके पुत्र मरीचि आदि प्रजापतियोंके वंशका तथा प्रत्येक दिशामें निवास करनेवाले महर्षियोंका वर्णन
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श्लोक 8
श्लोक
12.208.8
मरीचे: कश्यप: पुत्रस्तस्य द्वे नामनी स्मृते।
अरिष्टनेमिरित्येके कश्यपेत्यपरे विदु:॥ ८॥
अनुवाद
मरीचि के पुत्र कश्यप को भी दो नामों से जाना जाता है। कुछ लोग उन्हें अरिष्टनेमि कहते हैं और कुछ लोग उन्हें कश्यप के नाम से जानते हैं।
Marichi's son Kashyap is also known by two names. Some people call him Arishtanemi and others know him by the name of Kashyap. 8.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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