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श्री महाभारत
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पर्व 12: शान्ति पर्व
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अध्याय 208: ब्रह्माके पुत्र मरीचि आदि प्रजापतियोंके वंशका तथा प्रत्येक दिशामें निवास करनेवाले महर्षियोंका वर्णन
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श्लोक 5
श्लोक
12.208.5
सप्तब्रह्माण इत्येते पुराणे निश्चयं गता:।
अत ऊर्ध्वं प्रवक्ष्यामि सर्वानेव प्रजापतीन्॥ ५॥
अनुवाद
पुराणों में इन सात ब्रह्माओं की पहचान की गई है। अब मैं सभी प्रजापतियों का वर्णन आरंभ करता हूँ ॥5॥
These seven Brahmas have been identified in the Puranas. Now I begin the description of all the Prajapatis. ॥ 5॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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