श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 208: ब्रह्माके पुत्र मरीचि आदि प्रजापतियोंके वंशका तथा प्रत्येक दिशामें निवास करनेवाले महर्षियोंका वर्णन  »  श्लोक 27-28h
 
 
श्लोक  12.208.27-28h 
ऋषिर्मेधातिथे: पुत्र: कण्वो बर्हिषदस्तथा॥ २७॥
त्रैलोक्यभावनास्तात प्राच्यां सप्तर्षयस्तथा।
 
 
अनुवाद
तत्! मेधातिथि के पुत्र कण्वमुनि, बर्हिषद तथा त्रिलोकी की रचना करने में समर्थ सप्त ऋषि पूर्व दिशा में स्थित हैं । 27 1/2॥
 
Tat! Medhatithi's son Kanvamuni, Barhishad and the seven sages capable of creating Triloki are situated in the east direction. 27 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)