श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 208: ब्रह्माके पुत्र मरीचि आदि प्रजापतियोंके वंशका तथा प्रत्येक दिशामें निवास करनेवाले महर्षियोंका वर्णन  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  12.208.23 
एवमेते समाम्नाता विश्वेदेवास्तथाश्विनौ।
आदित्या: क्षत्रियास्तेषां विशश्च मरुतस्तथा॥ २३॥
 
 
अनुवाद
इसी प्रकार विश्वेदेव और अश्विनी कुमार भी देवताओं के गण माने गए हैं। इन देवताओं में आदित्य क्षत्रिय और मरुद्गण वैश्य माने गए हैं। 23॥
 
Similarly, Vishvedev and Ashwini Kumar are also considered to be members of the gods. Among these gods, Adityas are considered Kshatriyas and Marudgans are considered Vaishyas. 23॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)