Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.208.19-20: अजैकपाद, अहिर्बुध्न्य, विरुपाक्ष, रैवत, हर, बहुरूप, त्र्यम्बक, सुरेश्वर, सवित्र, जयन्त, पिनाकी और अपराजित- ये ग्यारह रुद्र हैं। महाभाग आठ वसुओं के नाम पहले ही बताये जा चुके हैं। 19-20॥ | mahabharat अध्याय 12.208: ब्रह्माके पुत्र मरीचि आदि प्रजापतियोंके वंशका तथा प्रत्येक दिशामें निवास करनेवाले महर्षियोंका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अजैकपाद, अहिर्बुध्न्य, विरुपाक्ष, रैवत, हर, बहुरूप, त्र्यम्बक, सुरेश्वर, सवित्र, जयन्त, पिनाकी और अपराजित- ये ग्यारह रुद्र हैं। महाभाग आठ वसुओं के नाम पहले ही बताये जा चुके हैं। 19-20॥
Ajaikpad, Ahirbudhnya, Virupaksha, Raivat, Har, Bahurup, Trimbak, Sureshwar, Savitra, Jayant, Pinaki and Aparajit - these are the eleven Rudras. The names of Mahabhag eight Vasus have already been mentioned. 19-20॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥