Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.208.18: ये तथा उपर्युक्त देवता दो प्रकार के पितर माने गए हैं। त्वष्टा के पुत्र महान् एवं यशस्वी भगवान विश्वरूप हुए।   |   mahabharat अध्याय 12.208: ब्रह्माके पुत्र मरीचि आदि प्रजापतियोंके वंशका तथा प्रत्येक दिशामें निवास करनेवाले महर्षियोंका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 208: ब्रह्माके पुत्र मरीचि आदि प्रजापतियोंके वंशका तथा प्रत्येक दिशामें निवास करनेवाले महर्षियोंका वर्णन  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  12.208.18 
ते च पूर्वं सुराश्चेति द्विविधा: पितर: स्मृता:।
त्वष्टुश्चैवात्मज: श्रीमान् विश्वरूपो महायशा:॥ १८॥
 
 
अनुवाद
ये तथा उपर्युक्त देवता दो प्रकार के पितर माने गए हैं। त्वष्टा के पुत्र महान् एवं यशस्वी भगवान विश्वरूप हुए।
 
These and the above mentioned gods are considered to be two types of ancestors. Tvashta's son became the great and famous Lord Vishvarupa.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)