श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 208: ब्रह्माके पुत्र मरीचि आदि प्रजापतियोंके वंशका तथा प्रत्येक दिशामें निवास करनेवाले महर्षियोंका वर्णन  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  12.208.14 
एते प्रजानां पतय: समुद्दिष्टा यशस्विन:।
अत: परं प्रवक्ष्यामि देवांस्त्रिभुवनेश्वरान्॥ १४॥
 
 
अनुवाद
युधिष्ठिर! ये सभी महाप्रतापी प्रजापति कहे गए हैं। अब मैं तीनों लोकों पर शासन करने वाले देवताओं का परिचय दूँगा॥ 14॥
 
Yudhishthira! All of them are said to be glorious Prajapatis. Now I will introduce the gods who rule the three worlds.॥ 14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)