Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.208.1: युधिष्ठिर ने पूछा - 'हे भरतश्रेष्ठ! पूर्वकाल में प्रजापति कौन थे और प्रत्येक दिशा में कौन-कौन से महर्षि विद्यमान माने जाते हैं?'॥1॥ | mahabharat अध्याय 12.208: ब्रह्माके पुत्र मरीचि आदि प्रजापतियोंके वंशका तथा प्रत्येक दिशामें निवास करनेवाले महर्षियोंका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
युधिष्ठिर उवाच
के पूर्वमासन् पतय: प्रजानां भरतर्षभ।
के चर्षयो महाभागा दिक्षु प्रत्येकश: स्मृता:॥ १॥
अनुवाद
युधिष्ठिर ने पूछा - 'हे भरतश्रेष्ठ! पूर्वकाल में प्रजापति कौन थे और प्रत्येक दिशा में कौन-कौन से महर्षि विद्यमान माने जाते हैं?'॥1॥
Yudhishthira asked, 'O best of the Bharatas! Who were the Prajapatis in the past and which great sages are considered to be present in each direction?'॥ 1॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥