Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.207.39: तत्पश्चात् जब त्रेता युग आया, तब स्पर्शमात्र से ही सन्तान उत्पन्न होने लगी। हे मनुष्यों के स्वामी! उस समय भी मैथुन धर्म प्रचलित नहीं था। 39. | mahabharat अध्याय 12.207: श्रीकृष्णसे सम्पूर्ण भूतोंकी उत्पत्तिका तथा उनकी महिमाका कथन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ततस्त्रेतायुगे काले संस्पर्शाज्जायते प्रजा।
न ह्यभून्मैथुनो धर्मस्तेषामपि जनाधिप॥ ३९॥
अनुवाद
तत्पश्चात् जब त्रेता युग आया, तब स्पर्शमात्र से ही सन्तान उत्पन्न होने लगी। हे मनुष्यों के स्वामी! उस समय भी मैथुन धर्म प्रचलित नहीं था। 39.
Thereafter, when the Treta Yuga came, children started being born by mere touching. O Lord of men! Even at that time, the religion of sexual intercourse was not popular. 39.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥