Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.207.35: समस्त प्राणियों के आत्मा श्रीहरि ने पापियों को दण्ड देने वाले और पितरों के साथी यमराज को तथा समस्त निधियों के कोषाध्यक्ष एवं रक्षक कुबेर को जन्म दिया ॥ 35॥   |   mahabharat अध्याय 12.207: श्रीकृष्णसे सम्पूर्ण भूतोंकी उत्पत्तिका तथा उनकी महिमाका कथन   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 207: श्रीकृष्णसे सम्पूर्ण भूतोंकी उत्पत्तिका तथा उनकी महिमाका कथन  »  श्लोक 35
 
 
श्लोक  12.207.35 
शासितारं च पापानां पितॄणां समवर्तिनम्।
असृजत् सर्वभूतात्मा निधिपं च धनेश्वरम्॥ ३५॥
 
 
अनुवाद
समस्त प्राणियों के आत्मा श्रीहरि ने पापियों को दण्ड देने वाले और पितरों के साथी यमराज को तथा समस्त निधियों के कोषाध्यक्ष एवं रक्षक कुबेर को जन्म दिया ॥ 35॥
 
Sri Hari, the soul of all beings, gave birth to Yamaraja, the punisher of sinners and the companion of ancestors, and Kubera, the treasurer and preserver of all treasures. ॥ 35॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)