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mahabharat 12.207.21: तात! समस्त धर्मों के ज्ञाता, पुण्यात्मा, अत्यन्त यशस्वी मरीचिनंदन कश्यप उन समस्त कन्याओं के पति हुए ॥21॥   |   mahabharat अध्याय 12.207: श्रीकृष्णसे सम्पूर्ण भूतोंकी उत्पत्तिका तथा उनकी महिमाका कथन   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 207: श्रीकृष्णसे सम्पूर्ण भूतोंकी उत्पत्तिका तथा उनकी महिमाका कथन  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  12.207.21 
सर्वधर्मविशेषज्ञ: पुण्यकीर्तिर्महायशा:।
मारीच: कश्यपस्तात सर्वासामभवत् पति:॥ २१॥
 
 
अनुवाद
तात! समस्त धर्मों के ज्ञाता, पुण्यात्मा, अत्यन्त यशस्वी मरीचिनंदन कश्यप उन समस्त कन्याओं के पति हुए ॥21॥
 
Tat! Marichinandan Kashyap, an expert in all religions, a virtuous person, a very famous person, became the husband of all those girls. 21॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)