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mahabharat 12.207.17: ब्रह्माजी ने सात मानसपुत्रों को जन्म दिया, जिनमें से दक्ष प्रजापति सातवें थे (वे सबसे पहले उत्पन्न हुए थे)। शेष छह पुत्रों के नाम इस प्रकार हैं- मरीचि, अत्रि, अंगिरा, पुलस्त्य, पुलह और क्रतु॥17॥   |   mahabharat अध्याय 12.207: श्रीकृष्णसे सम्पूर्ण भूतोंकी उत्पत्तिका तथा उनकी महिमाका कथन   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 207: श्रीकृष्णसे सम्पूर्ण भूतोंकी उत्पत्तिका तथा उनकी महिमाका कथन  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  12.207.17 
ब्रह्मानुससृजे पुत्रान् मानसान् दक्षसप्तमान्।
मरीचिमत्र्यङ्गिरसं पुलस्त्यं पुलहं क्रतुम्॥ १७॥
 
 
अनुवाद
ब्रह्माजी ने सात मानसपुत्रों को जन्म दिया, जिनमें से दक्ष प्रजापति सातवें थे (वे सबसे पहले उत्पन्न हुए थे)। शेष छह पुत्रों के नाम इस प्रकार हैं- मरीचि, अत्रि, अंगिरा, पुलस्त्य, पुलह और क्रतु॥17॥
 
Brahma gave birth to seven Manasputras, out of which Daksha Prajapati was the seventh (he was the first to be born). The names of the remaining six sons are as follows- Marichi, Atri, Angira, Pulastya, Pulaha and Kratu.॥17॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)