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mahabharat 12.207.16: तत्! उस मधुक, सम्पूर्ण देवताओं, दानवों और मनुष्यों का वध करने के कारण ही ये परम भगवान श्रीकृष्ण मधुसूदन कहलाते हैं॥16॥   |   mahabharat अध्याय 12.207: श्रीकृष्णसे सम्पूर्ण भूतोंकी उत्पत्तिका तथा उनकी महिमाका कथन   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 207: श्रीकृष्णसे सम्पूर्ण भूतोंकी उत्पत्तिका तथा उनकी महिमाका कथन  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  12.207.16 
तस्य तात वधात् सर्वे देवदानवमानवा:।
मधुसूदनमित्याहुर्ऋषभं सर्वसात्वताम्॥ १६॥
 
 
अनुवाद
तत्! उस मधुक, सम्पूर्ण देवताओं, दानवों और मनुष्यों का वध करने के कारण ही ये परम भगवान श्रीकृष्ण मधुसूदन कहलाते हैं॥16॥
 
Tat! Because of killing that Madhuka, all the gods, demons and humans – this Supreme Lord Shri Krishna is called Madhusudan. 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)