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mahabharat 12.205.3: अतः विज्ञान की शक्ति बुद्धि और विचारों के द्वारा मानसिक कष्ट को तथा औषधियों के द्वारा शारीरिक कष्ट को दूर करने में है, जिससे जब मनुष्य दुःखी हो तो वह बच्चों की तरह बैठकर रोता न रहे ॥3॥   |   mahabharat अध्याय 12.205: परब्रह्मकी प्राप्तिका उपाय   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 205: परब्रह्मकी प्राप्तिका उपाय  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  12.205.3 
प्रज्ञया मानसं दु:खं हन्याच्छारीरमौषधै:।
एतद् विज्ञानसामर्थ्यं न बालै: समतामियात्॥ ३॥
 
 
अनुवाद
अतः विज्ञान की शक्ति बुद्धि और विचारों के द्वारा मानसिक कष्ट को तथा औषधियों के द्वारा शारीरिक कष्ट को दूर करने में है, जिससे जब मनुष्य दुःखी हो तो वह बच्चों की तरह बैठकर रोता न रहे ॥3॥
 
Therefore, the power of science is to remove mental suffering through intellect and thoughts and physical suffering through medicines, so that when a man is in pain he does not sit and cry like a child. ॥ 3॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)