Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.205.23: इस प्रकार सभी जीव प्रकृति से उत्पन्न होते हैं और समय आने पर उसी में लीन हो जाते हैं। तत्पश्चात् मृत्यु या मरण के पश्चात् पुण्य और पाप के फलस्वरूप स्वर्ग और नरक में जाते हैं। 23॥ | mahabharat अध्याय 12.205: परब्रह्मकी प्राप्तिका उपाय । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
एवं प्रकृतित: सर्वे प्रवर्तन्ते शरीरिण:।
निवर्तन्ते निवृत्तौ च स्वर्गं चैवोपयान्ति च॥ २३॥
अनुवाद
इस प्रकार सभी जीव प्रकृति से उत्पन्न होते हैं और समय आने पर उसी में लीन हो जाते हैं। तत्पश्चात् मृत्यु या मरण के पश्चात् पुण्य और पाप के फलस्वरूप स्वर्ग और नरक में जाते हैं। 23॥
In this way, all living beings are born from nature and in due course of time they attain harmony in it. After that death or death, they go to heaven and hell as a result of virtue and sin. 23॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥