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श्री महाभारत
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पर्व 12: शान्ति पर्व
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अध्याय 204: आत्मा एवं परमात्माके साक्षात्कारका उपाय तथा महत्त्व
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श्लोक 19
श्लोक
12.204.19
मनस्याकृतयो मग्ना मनस्त्वभिगतं मतिम्।
मतिस्त्वभिगता ज्ञानं ज्ञानं चाभिगतं परम्॥ १९॥
अनुवाद
शब्द आदि सभी आकृतियों का मन में लय है। मन लय में है, बुद्धि ज्ञान में है और ज्ञान ईश्वर में है ॥19॥
There is rhythm in the mind of all the shapes like words etc. The mind is in harmony, the intellect is in knowledge and the knowledge is in God. 19॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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