जैसे अमावस्या को पार करके चन्द्रमा तारों से एकाकार हो जाता है, वैसे ही जब आत्मा एक शरीर को छोड़कर अपने कर्मों के फलस्वरूप दूसरे शरीर से एकाकार हो जाती है ॥23॥
Just as the moon gets united with the stars after crossing the Amavasya, in the same way when the soul leaves one body it gets united with another body as a result of its deeds. 23॥
इति श्रीमहाभारते शान्तिपर्वणि मोक्षधर्मपर्वणि मनुबृहस्पतिसंवादे त्र्यधिकद्विशततमोऽध्याय:॥ २०३॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत शान्तिपर्वके अन्तर्गत मोक्षधर्मपर्वमें मनु और बृहस्पतिका संवादरूप दो सौ तीनवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ २०३॥