Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.200.24: इन सभासदों ने तो प्रत्यक्ष देखा है कि योगियों को क्या फल मिलता है; परन्तु मैं तो केवल यह बताने के लिए ही आपका स्वागत करने के लिए खड़ा हुआ हूँ कि जो लोग मन्त्र जपते हैं, उन्हें और भी उत्तम फल प्राप्त होते हैं॥ 24॥ | mahabharat अध्याय 12.200: जापक ब्राह्मण और राजा इक्ष्वाकुकी उत्तम गतिका वर्णन तथा जापकको मिलनेवाले फलकी उत्कृष्टता । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इन सभासदों ने तो प्रत्यक्ष देखा है कि योगियों को क्या फल मिलता है; परन्तु मैं तो केवल यह बताने के लिए ही आपका स्वागत करने के लिए खड़ा हुआ हूँ कि जो लोग मन्त्र जपते हैं, उन्हें और भी उत्तम फल प्राप्त होते हैं॥ 24॥
'These members of the assembly have seen firsthand the fruits that yogis receive; but I have got up and welcomed you only to inform you that those who chant mantras receive even better fruits.॥ 24॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥