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श्लोक  12.200.20 
तालुदेशमथोद्दाल्य ब्राह्मणस्य महात्मन:।
ज्योतिर्ज्वाला सुमहती जगाम त्रिदिवं तदा॥ २०॥
 
 
अनुवाद
इसी समय महान ब्राह्मण के तालु (ब्रह्म-रंध्र) से एक विशाल प्रकाशमय ज्वाला निकली और स्वर्ग की ओर चली गई।
 
At this very moment a huge luminous flame emerged from the palate (brahma-randhra) of the great Brahmin and went towards heaven.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)