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mahabharat 12.200.16: राजा! तत्पश्चात् वे दोनों एक-दूसरे का उपकार करते हुए एक हो गए और साथ ही साथ उन्होंने सांसारिक सुखों से अपना मन हटा लिया॥16॥   |   mahabharat अध्याय 12.200: जापक ब्राह्मण और राजा इक्ष्वाकुकी उत्तम गतिका वर्णन तथा जापकको मिलनेवाले फलकी उत्कृष्टता   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  12.200.16 
अथ तौ सहितौ राजन्नन्योन्यविधिना तत:।
विषयप्रतिसंहारमुभावेव प्रचक्रतु:॥ १६॥
 
 
अनुवाद
राजा! तत्पश्चात् वे दोनों एक-दूसरे का उपकार करते हुए एक हो गए और साथ ही साथ उन्होंने सांसारिक सुखों से अपना मन हटा लिया॥16॥
 
King! Thereafter both of them became one while doing good to each other. They simultaneously turned their minds away from worldly pleasures.॥ 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)