Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.20.4: हे महाबाहु राजन! ब्रह्मचर्य, गृहस्थ, वानप्रस्थ और संन्यास - ये चार आश्रम ब्रह्म प्राप्ति के चार सोपान हैं, जो वेदों में प्रतिष्ठित हैं। इन्हें एक-एक करके विधिपूर्वक पार करो।॥4॥ | mahabharat अध्याय 12.20: मुनिवर देवस्थानका राजा युधिष्ठिरको यज्ञानुष्ठानके लिये प्रेरित करना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे महाबाहु राजन! ब्रह्मचर्य, गृहस्थ, वानप्रस्थ और संन्यास - ये चार आश्रम ब्रह्म प्राप्ति के चार सोपान हैं, जो वेदों में प्रतिष्ठित हैं। इन्हें एक-एक करके विधिपूर्वक पार करो।॥4॥
O mighty-armed king! Brahmacharya, Grihasthya, Vanaprastha and Sanyas - these four ashrams are the four steps to attain Brahma, which are established in the Vedas. Cross them one by one in a proper manner. ॥ 4॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥