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mahabharat 12.20.2: देवस्थान बोला- राजन! अर्जुन ने कहा है कि 'धन से बढ़कर कोई वस्तु नहीं है।' मैं भी तुम्हें इसके विषय में कुछ बताता हूँ। तुम ध्यानपूर्वक सुनो।   |   mahabharat अध्याय 12.20: मुनिवर देवस्थानका राजा युधिष्ठिरको यज्ञानुष्ठानके लिये प्रेरित करना   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 20: मुनिवर देवस्थानका राजा युधिष्ठिरको यज्ञानुष्ठानके लिये प्रेरित करना  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  12.20.2 
देवस्थान उवाच
यद् वच: फाल्गुनेनोक्तं न ज्यायोऽस्ति धनादिति।
अत्र ते वर्तयिष्यामि तदेकान्तमना: शृणु॥ २॥
 
 
अनुवाद
देवस्थान बोला- राजन! अर्जुन ने कहा है कि 'धन से बढ़कर कोई वस्तु नहीं है।' मैं भी तुम्हें इसके विषय में कुछ बताता हूँ। तुम ध्यानपूर्वक सुनो।
 
Devasthan said- King! Arjun has said that 'there is nothing more valuable than wealth'. I will also tell you something about this. Listen with full attention.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)