Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.199.9: जप समाप्त होने पर वह पुण्यात्मा ब्राह्मण खड़ा हुआ, देवी सावित्री के चरणों पर सिर रखकर उन्हें दण्डवत् प्रणाम किया और बोला : -॥9॥ | mahabharat अध्याय 12.199: जापकको सावित्रीका वरदान, उसके पास धर्म, यम और काल आदिका आगमन,राजा इक्ष्वाकु और जापक ब्राह्मणका संवाद, सत्यकी महिमा तथा जापककी परम गतिका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जप समाप्त होने पर वह पुण्यात्मा ब्राह्मण खड़ा हुआ, देवी सावित्री के चरणों पर सिर रखकर उन्हें दण्डवत् प्रणाम किया और बोला : -॥9॥
When the chanting was over, the virtuous Brahmin stood up, placed his head at the feet of Goddess Savitri and prostrated himself before her and said: -॥ 9॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥