Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.199.87: तब वे दोनों अत्यन्त क्रोधित होकर राजा से इस प्रकार बोले - आप कृपा करके हमारे मामले की जांच करके निर्णय दीजिए, जिससे हम दोनों यहाँ दोषी और निन्दा के पात्र न बनें ॥87॥ | mahabharat अध्याय 12.199: जापकको सावित्रीका वरदान, उसके पास धर्म, यम और काल आदिका आगमन,राजा इक्ष्वाकु और जापक ब्राह्मणका संवाद, सत्यकी महिमा तथा जापककी परम गतिका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तब वे दोनों अत्यन्त क्रोधित होकर राजा से इस प्रकार बोले - आप कृपा करके हमारे मामले की जांच करके निर्णय दीजिए, जिससे हम दोनों यहाँ दोषी और निन्दा के पात्र न बनें ॥87॥
Then both of them became very angry and said to the king in this manner - Please investigate our case and give a decision, so that both of us do not become guilty and object of condemnation here. ॥ 87॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥