Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.199.8: देवी सावित्री ने उसे आशीर्वाद दिया था; इसलिए वे उस समय उसके आचरण से प्रसन्न थीं। वेदों की माता ने मन ही मन ब्राह्मण की उसके नियमित जप के लिए प्रशंसा की। 8. | mahabharat अध्याय 12.199: जापकको सावित्रीका वरदान, उसके पास धर्म, यम और काल आदिका आगमन,राजा इक्ष्वाकु और जापक ब्राह्मणका संवाद, सत्यकी महिमा तथा जापककी परम गतिका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तस्यानुकम्पया देवी प्रीता समभवत् तदा।
वेदमाता ततस्तस्य तज्जप्यं समपूजयत्॥ ८॥
अनुवाद
देवी सावित्री ने उसे आशीर्वाद दिया था; इसलिए वे उस समय उसके आचरण से प्रसन्न थीं। वेदों की माता ने मन ही मन ब्राह्मण की उसके नियमित जप के लिए प्रशंसा की। 8.
Goddess Savitri had blessed him; hence she was pleased with his behaviour at that time. The mother of Vedas silently praised the Brahmin for his regular chanting. 8.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥