Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.199.74: राजा ने कहा- ब्राह्मण! क्षत्रिय का धर्म प्रजा की रक्षा और युद्ध करना है। क्षत्रिय दानवीर कहलाते हैं, फिर मैं बदले में आपसे दान कैसे ले सकता हूँ? | mahabharat अध्याय 12.199: जापकको सावित्रीका वरदान, उसके पास धर्म, यम और काल आदिका आगमन,राजा इक्ष्वाकु और जापक ब्राह्मणका संवाद, सत्यकी महिमा तथा जापककी परम गतिका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजा ने कहा- ब्राह्मण! क्षत्रिय का धर्म प्रजा की रक्षा और युद्ध करना है। क्षत्रिय दानवीर कहलाते हैं, फिर मैं बदले में आपसे दान कैसे ले सकता हूँ?
The king said-Brahmin! The duty of a Kshatriya is to protect the people and fight. Kshatriyas are called donors; then how can I take donations from you in return?
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥