Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.199.63: अब तक मनुष्यों ने जो तप किया है और आगे भी करेंगे, उन सबका संग्रह करके यदि सौ गुना या लाख गुना भी कर दिया जाए, तो भी उनका महत्व सत्य से अधिक सिद्ध नहीं होगा ॥ 63॥ | mahabharat अध्याय 12.199: जापकको सावित्रीका वरदान, उसके पास धर्म, यम और काल आदिका आगमन,राजा इक्ष्वाकु और जापक ब्राह्मणका संवाद, सत्यकी महिमा तथा जापककी परम गतिका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अब तक मनुष्यों ने जो तप किया है और आगे भी करेंगे, उन सबका संग्रह करके यदि सौ गुना या लाख गुना भी कर दिया जाए, तो भी उनका महत्व सत्य से अधिक सिद्ध नहीं होगा ॥ 63॥
Even if all the austerities that people have performed till now and will perform in the future are collected and multiplied hundredfold or lakhfold, their importance will not be proved to be greater than the truth. ॥ 63॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥