Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.199.60: राजन! आपने स्वयं यहाँ आकर मुझसे जप का फल माँगा है और मैंने आपको वह दे दिया है; अतः कृपया उसे स्वीकार करें और सत्य पर अडिग रहें। | mahabharat अध्याय 12.199: जापकको सावित्रीका वरदान, उसके पास धर्म, यम और काल आदिका आगमन,राजा इक्ष्वाकु और जापक ब्राह्मणका संवाद, सत्यकी महिमा तथा जापककी परम गतिका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजन! आपने स्वयं यहाँ आकर मुझसे जप का फल माँगा है और मैंने आपको वह दे दिया है; अतः कृपया उसे स्वीकार करें और सत्य पर अडिग रहें।
King! You yourself have come here and asked me for the fruit of Japa and I have given it to you; therefore, please accept it and remain steadfast in the truth.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥