Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.199.46: राजा ने कहा, "हे ब्राह्मण! ब्राह्मणों के वचन वज्र के समान शक्तिशाली होते हैं और क्षत्रिय तो शारीरिक बल से जीविका चलाते हैं। इसलिए मेरे और आपके बीच यह भयंकर वाकयुद्ध छिड़ा हुआ है।" | mahabharat अध्याय 12.199: जापकको सावित्रीका वरदान, उसके पास धर्म, यम और काल आदिका आगमन,राजा इक्ष्वाकु और जापक ब्राह्मणका संवाद, सत्यकी महिमा तथा जापककी परम गतिका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजा ने कहा, "हे ब्राह्मण! ब्राह्मणों के वचन वज्र के समान शक्तिशाली होते हैं और क्षत्रिय तो शारीरिक बल से जीविका चलाते हैं। इसलिए मेरे और आपके बीच यह भयंकर वाकयुद्ध छिड़ा हुआ है।"
The king said, "O Brahmin! The words of Brahmins are as powerful as thunderbolts and the Kshatriyas earn their livelihood by physical strength. Hence, this fierce battle of words has arisen between me and you."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥