Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.199.44: राजा ने कहा - हे ब्राह्मण! आपने मुझसे पहले कहा था कि 'मैं अपनी शक्ति के अनुसार दान दूँगा', अतः मैं आपसे आपके जप का फल माँगता हूँ। | mahabharat अध्याय 12.199: जापकको सावित्रीका वरदान, उसके पास धर्म, यम और काल आदिका आगमन,राजा इक्ष्वाकु और जापक ब्राह्मणका संवाद, सत्यकी महिमा तथा जापककी परम गतिका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजा ने कहा - हे ब्राह्मण! आपने मुझसे पहले कहा था कि 'मैं अपनी शक्ति के अनुसार दान दूँगा', अतः मैं आपसे आपके जप का फल माँगता हूँ।
The king said - O Brahmin! You had told me earlier that 'I will give donations according to my capacity' so I ask you to give me the fruits of your Japa.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥