Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.199.39: राजा ने कहा, "हे ब्राह्मण! मैं क्षत्रिय राजा हूँ और तुम छहों कर्तव्यों परायण ब्राह्मण हो। अतः मैं तुम्हें कुछ धन देना चाहता हूँ। मुझसे प्रसिद्ध धन-रत्न मांगो।" | mahabharat अध्याय 12.199: जापकको सावित्रीका वरदान, उसके पास धर्म, यम और काल आदिका आगमन,राजा इक्ष्वाकु और जापक ब्राह्मणका संवाद, सत्यकी महिमा तथा जापककी परम गतिका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजा ने कहा, "हे ब्राह्मण! मैं क्षत्रिय राजा हूँ और तुम छहों कर्तव्यों परायण ब्राह्मण हो। अतः मैं तुम्हें कुछ धन देना चाहता हूँ। मुझसे प्रसिद्ध धन-रत्न मांगो।"
The king said, "O Brahmin! I am a Kshatriya king and you are a Brahmin who is devoted to the six duties. Therefore, I want to give you some money. Ask me for the famous jewels of wealth. 39.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥