Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.199.38: महाराज! आपका स्वागत है! आपकी जो इच्छा हो, वह यहाँ कहिए। मैं अपनी शक्ति के अनुसार आपकी क्या सेवा कर सकता हूँ? कृपया मुझे यह बताइए।॥38॥   |   mahabharat अध्याय 12.199: जापकको सावित्रीका वरदान, उसके पास धर्म, यम और काल आदिका आगमन,राजा इक्ष्वाकु और जापक ब्राह्मणका संवाद, सत्यकी महिमा तथा जापककी परम गतिका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 199: जापकको सावित्रीका वरदान, उसके पास धर्म, यम और काल आदिका आगमन,राजा इक्ष्वाकु और जापक ब्राह्मणका संवाद, सत्यकी महिमा तथा जापककी परम गतिका वर्णन  »  श्लोक 38
 
 
श्लोक  12.199.38 
स्वागतं ते महाराज ब्रूहि यद् यदिहेच्छसि।
स्वशक्त्या किं करोमीह तद् भवान् प्रब्रवीतु माम्॥ ३८॥
 
 
अनुवाद
महाराज! आपका स्वागत है! आपकी जो इच्छा हो, वह यहाँ कहिए। मैं अपनी शक्ति के अनुसार आपकी क्या सेवा कर सकता हूँ? कृपया मुझे यह बताइए।॥38॥
 
‘Maharaj! You are welcome! Whatever you wish, tell it here. What service can I render to you according to my strength? Please tell me this.’॥ 38॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)