Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.199.33: ब्राह्मण ने कहा, "सूर्यपुत्र यम, महाहृदयी काल, मृत्यु और धर्म - इन सबका स्वागत है। बताइए, मैं आप सबके लिए क्या कार्य करूँ?"   |   mahabharat अध्याय 12.199: जापकको सावित्रीका वरदान, उसके पास धर्म, यम और काल आदिका आगमन,राजा इक्ष्वाकु और जापक ब्राह्मणका संवाद, सत्यकी महिमा तथा जापककी परम गतिका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 199: जापकको सावित्रीका वरदान, उसके पास धर्म, यम और काल आदिका आगमन,राजा इक्ष्वाकु और जापक ब्राह्मणका संवाद, सत्यकी महिमा तथा जापककी परम गतिका वर्णन  »  श्लोक 33
 
 
श्लोक  12.199.33 
ब्राह्मण उवाच
स्वागतं सूर्यपुत्राय कालाय च महात्मने।
मृत्यवे चाथ धर्माय किं कार्यं करवाणि व:॥ ३३॥
 
 
अनुवाद
ब्राह्मण ने कहा, "सूर्यपुत्र यम, महाहृदयी काल, मृत्यु और धर्म - इन सबका स्वागत है। बताइए, मैं आप सबके लिए क्या कार्य करूँ?"
 
The Brahmin said, "Sun's son Yama, great-hearted time, death and religion - all of them are welcome. Tell me, what work should I do for you all?"
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)