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mahabharat 12.199.28: धर्म ने कहा - ब्रह्मन्! यदि तुम शरीर त्यागना नहीं चाहते, तो देखो, काल, मृत्यु और यम तुम्हारे पास आ गए हैं॥ 28॥   |   mahabharat अध्याय 12.199: जापकको सावित्रीका वरदान, उसके पास धर्म, यम और काल आदिका आगमन,राजा इक्ष्वाकु और जापक ब्राह्मणका संवाद, सत्यकी महिमा तथा जापककी परम गतिका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 199: जापकको सावित्रीका वरदान, उसके पास धर्म, यम और काल आदिका आगमन,राजा इक्ष्वाकु और जापक ब्राह्मणका संवाद, सत्यकी महिमा तथा जापककी परम गतिका वर्णन  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  12.199.28 
धर्म उवाच
यदि त्वं नेच्छसे त्यक्तुं शरीरं पश्य वै द्विज।
एष कालस्तथा मृत्युर्यमश्च त्वामुपागता:॥ २८॥
 
 
अनुवाद
धर्म ने कहा - ब्रह्मन्! यदि तुम शरीर त्यागना नहीं चाहते, तो देखो, काल, मृत्यु और यम तुम्हारे पास आ गए हैं॥ 28॥
 
Dharma said - Brahman! If you do not wish to give up your body, then look, Kaal, Mrityu and Yama have come to you.॥ 28॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)