Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.199.11: सावित्री बोली, "ब्रह्मर्षि! आप क्या चाहते हैं? आप किस वस्तु की कामना करते हैं? मुझे बताइए। मैं आपकी इच्छा पूरी करूंगी। हे जप करने वालों में श्रेष्ठ ब्राह्मण! अपनी इच्छा बताइए। आपकी सभी इच्छाएं पूरी होंगी।" | mahabharat अध्याय 12.199: जापकको सावित्रीका वरदान, उसके पास धर्म, यम और काल आदिका आगमन,राजा इक्ष्वाकु और जापक ब्राह्मणका संवाद, सत्यकी महिमा तथा जापककी परम गतिका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सावित्र्युवाच
किं प्रार्थयसि विप्रर्षे किं चेष्टं करवाणि ते।
प्रब्रूहि जपतां श्रेष्ठ सर्वं तत् ते भविष्यति॥ ११॥
अनुवाद
सावित्री बोली, "ब्रह्मर्षि! आप क्या चाहते हैं? आप किस वस्तु की कामना करते हैं? मुझे बताइए। मैं आपकी इच्छा पूरी करूंगी। हे जप करने वालों में श्रेष्ठ ब्राह्मण! अपनी इच्छा बताइए। आपकी सभी इच्छाएं पूरी होंगी।"
Savitri said, "Brahmarshi! What do you want? What is the thing you desire? Tell me. I will fulfill your desire. O best Brahmin among those who chant! Tell me your wish. All your wishes will be fulfilled."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥