Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.199.109: राजाओं को अपने-अपने धर्म का पालन करना चाहिए, यही शास्त्रों का सिद्धांत है। अब मुझ अजेय आत्मा के भीतर गहन ब्राह्मणधर्म प्रविष्ट हो गया है ॥109॥ | mahabharat अध्याय 12.199: जापकको सावित्रीका वरदान, उसके पास धर्म, यम और काल आदिका आगमन,राजा इक्ष्वाकु और जापक ब्राह्मणका संवाद, सत्यकी महिमा तथा जापककी परम गतिका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजाओं को अपने-अपने धर्म का पालन करना चाहिए, यही शास्त्रों का सिद्धांत है। अब मुझ अजेय आत्मा के भीतर गहन ब्राह्मणधर्म प्रविष्ट हो गया है ॥109॥
Kings should follow their own religion, this is the principle of the scriptures. Now the deep brahminical religion has entered within me, the unconquered soul. ॥109॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥