Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.197.8: जो मनुष्य मोह के वशीभूत होकर सांसारिक पदार्थों में आसक्ति रखकर जप करता है, वह जिस फल में आसक्त होता है, उसके अनुसार ही शरीर पाता है। इस प्रकार वह नीचे गिरता है ॥8॥ | mahabharat अध्याय 12.197: जापकमें दोष आनेके कारण उसे नरककी प्राप्ति । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो मनुष्य मोह के वशीभूत होकर सांसारिक पदार्थों में आसक्ति रखकर जप करता है, वह जिस फल में आसक्त होता है, उसके अनुसार ही शरीर पाता है। इस प्रकार वह नीचे गिरता है ॥8॥
A person who is under the influence of delusion and does Japa with attachment to worldly things, gets a body in accordance with the fruit he is attached to. This is how he falls down. ॥ 8॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥